विश्व विजेता सम्राट अशोक महान के जन्मोत्सव पर इतिहास के कुछ शब्द ||| 563 |||
निश्चय ही सम्राट अशोक महान का शासनकाल भारतीय इतिहास के श्रेष्ठत्व का प्रतिनिधि कहा जाने योग्य है। एच०जी० वेल्स ने लिखा है, “इतिहास के पृष्ठों को रँगने वाले सहस्रों राजाओं के नामों के मध्य अशोक का नाम सर्वोपरि नक्षत्र के समान दैदीप्यमान है। ” साम्राज्य विस्तार, प्रशासनिक व्यवस्था, धर्म-संरक्षण, हृदय की उदारता, कला के विकास एवं प्रजावत्सलता आदि प्रत्येक दृष्टिकोण से अशोक का स्थान सर्वोच्च है।
देवानाम प्रियदर्शी सम्राट अशोक महान की जयन्ति 26 मार्च "2026" पर महान व्यक्तित्व को नमन करते हुए🙏🙏 समर्पित आप सबको एक विशेष कविता के साथ महत्वपूर्ण सन्देश....🙏🙏
🙏🙏 🙏🙏मौर्य वंशी सम्राट अशोक🙏
जिस जातिवंश की गाथा कहते पुराण..
अब बौद्ध ग्रन्थ गुरु चाणक्य का अर्थशास्त्र
और पतञ्जलि का महाभाष्य...
जस्टिन,प्लूटार्क यूनानी लेखकों का इतिहास...
अभिलेखों में भी वर्णित है,मौर्यों का अनुपम इतिहास..
जिसकी सीमा छू न सके, सेल्युकस ने झुकाया माथ...
प्राणवान का वचन है पाया,देकर सुपुत्री का हाथ...!
अशोक महान सा शासक हुआ नही इतिहास में,
शासक होकर भिक्षु बन गए,कलिंग युद्ध के नाश में...
प्रजा हितैषी, न्याय के रक्षक,धर्मपरायण,कल्याणकर्ता....
प्रजा की जो नित करता पूजा,ऐसा राजा हुआ न दूजा..!!
शासन,प्रशासन,न्याय व्यवस्था,अर्थ व्यापार,कृषि कला...
उच्च आदर्शों की थी,अपनी राजव्यवस्था....
वह दिन क्या थे मौर्यों के,कोई नही था उनका सानी..!
दुश्मन पीछे छूटे थे,याद सभी की आ गई नानी...!!
पर!हमारे अंदर अब एकता का पुट कहां है...
हाथी बांधते थे जो तिनके,अब उनमें जुट कहां है...!!
हम अपने ही भाईयों का गला काटते रहे,
आपस मे लड़-भिड़ नष्ट होते रहे...
अपने भाई बहनों की इज्ज़त जाती देख..
मन ही मन हम मुस्कुराते रहे....
हम अपने घर के भेदी बन,अपनी ही लंका ढहाते रहे...
आपसी फूट का हमारे फायदा उठाया गया है...
मतलब परस्तियों द्वारा हमे हमेशा दबाया गया है...
मीठे जहर देने वालों को अब तो पहचानों....
हम कौन थे,क्या हो गये हैं, अब तो जानो..!
आओ मिलकर कसम खाएं,आपस मे न लड़ेंगे...
आओ अशोक महान के संतानों हम एक हैं, एक रहेंगे..
बाहर का कोई आंख दिखायेगा,हम आंखें नोच लेंगे...
एक पर दस-दस टूटेंगे...ईंट से ईंट बजा देंगे...
तोड़ देंगे उन हाथों को,जो हमारी बहू-बेटियों की तरफ बढ़ा....
हमे कसम है जो मौर्यों के हित कोई न लड़ा...
देश आज़ाद है,हमे भी अधिकार है....
हम भी नेतृत्व करेंगे....हम भी तैयार हैं...!
तो जागो ऐ बन्धुओं,दूसरों को भी जगाओ...
आने वाला वक़्त हमारा है,आलस्य को भगाओ...
फिर इक पताका हम लहरायेंगे...
अपना मान-सम्मान तभी हम पाएंगे..2..!!
✍️✍अजय कुमार मौर्य....✍️✍️
देवानाम प्रियदर्शी सम्राट अशोक महान की जयन्ति 26 मार्च "2026" पर महान व्यक्तित्व को नमन करते हुए🙏🙏 समर्पित आप सबको एक विशेष कविता के साथ महत्वपूर्ण सन्देश....🙏🙏
🙏🙏 🙏🙏मौर्य वंशी सम्राट अशोक🙏
जिस जातिवंश की गाथा कहते पुराण..
अब बौद्ध ग्रन्थ गुरु चाणक्य का अर्थशास्त्र
और पतञ्जलि का महाभाष्य...
जस्टिन,प्लूटार्क यूनानी लेखकों का इतिहास...
अभिलेखों में भी वर्णित है,मौर्यों का अनुपम इतिहास..
जिसकी सीमा छू न सके, सेल्युकस ने झुकाया माथ...
प्राणवान का वचन है पाया,देकर सुपुत्री का हाथ...!
अशोक महान सा शासक हुआ नही इतिहास में,
शासक होकर भिक्षु बन गए,कलिंग युद्ध के नाश में...
प्रजा हितैषी, न्याय के रक्षक,धर्मपरायण,कल्याणकर्ता....
प्रजा की जो नित करता पूजा,ऐसा राजा हुआ न दूजा..!!
शासन,प्रशासन,न्याय व्यवस्था,अर्थ व्यापार,कृषि कला...
उच्च आदर्शों की थी,अपनी राजव्यवस्था....
वह दिन क्या थे मौर्यों के,कोई नही था उनका सानी..!
दुश्मन पीछे छूटे थे,याद सभी की आ गई नानी...!!
पर!हमारे अंदर अब एकता का पुट कहां है...
हाथी बांधते थे जो तिनके,अब उनमें जुट कहां है...!!
हम अपने ही भाईयों का गला काटते रहे,
आपस मे लड़-भिड़ नष्ट होते रहे...
अपने भाई बहनों की इज्ज़त जाती देख..
मन ही मन हम मुस्कुराते रहे....
हम अपने घर के भेदी बन,अपनी ही लंका ढहाते रहे...
आपसी फूट का हमारे फायदा उठाया गया है...
मतलब परस्तियों द्वारा हमे हमेशा दबाया गया है...
मीठे जहर देने वालों को अब तो पहचानों....
हम कौन थे,क्या हो गये हैं, अब तो जानो..!
आओ मिलकर कसम खाएं,आपस मे न लड़ेंगे...
आओ अशोक महान के संतानों हम एक हैं, एक रहेंगे..
बाहर का कोई आंख दिखायेगा,हम आंखें नोच लेंगे...
एक पर दस-दस टूटेंगे...ईंट से ईंट बजा देंगे...
तोड़ देंगे उन हाथों को,जो हमारी बहू-बेटियों की तरफ बढ़ा....
हमे कसम है जो मौर्यों के हित कोई न लड़ा...
देश आज़ाद है,हमे भी अधिकार है....
हम भी नेतृत्व करेंगे....हम भी तैयार हैं...!
तो जागो ऐ बन्धुओं,दूसरों को भी जगाओ...
आने वाला वक़्त हमारा है,आलस्य को भगाओ...
फिर इक पताका हम लहरायेंगे...
अपना मान-सम्मान तभी हम पाएंगे..2..!!
✍️✍अजय कुमार मौर्य....✍️✍️
||| 563 |||
सत्यमेव जयते
ReplyDelete